Friday, August 21, 2015

कविता- गुलज़ार साहब विशेष

हमारा चमन
आज गुलज़ार है
सुबह से रुत भी
खुशगवार है
शाम सुहानी भी
आज रतनार है
रात भी महकेगी
आज त्यौहार है
मुरलिया वाले का
बड़ा उपकार है
अनूठी रचनाओं का
तू शाहकार है
तेरी दयानत की
फेहरिश्त साकार है
मशहूर हुआ जो वो
नाम भी शुमार है
जिसके चाहने वाले
हम से बेशुमार है
जन्मदिन मुबारक जिनका
वो साहब "गुलज़ार" हैं
रचनाकार- कृष्णा मोहन दुबे. 

कविता- याद के झरोखे

आँख में आज हल्की नमी-सी है;
जाने क्यूँ? याद तेरी थमी-सी है।
वो तेरा खिड़की के झरोंखे से,
छुप-छुपकर ! चुप-चुपकर !!
नजरें मिलाना; नजरें चुराना,
लजाना; घबराना; इठलाना;कतराना,
नजरें उठाना...वो नजरें झुकाना;
प्रेम-प्रणय-सा... वो तेरा मुस्काना
.खुद को; खुद ही अर्पण कर जाना।
सब कुछ तो है !
वो खिड़की...वो झरोंखा...
वो तेरी याद...

बस तेरे हम...
सब है...
फिर ! 

तुम क्यूँ नहीं हो..?

 रचनाकार- आलोक बंसल 

व्यंग- घर की मुर्गी, दाल बराबर

"दाल फ्राई, अनियन सलाद विथ बटर नान!"
एक शानदार स्टेटस सिंबल हो सकता है।
क्योंकि गरीब की रसोई में तो
"दाल-रोटी / प्याज-रोटी और नोन"
तो अब आने में भी रोती है!
दाल-रोटी चल रही है बस जी..
अब तो ये भी नहीं कह सकते!
उधर वो मुर्गी भी आत्महत्या पर उतारू है..
जो 'घर की मुर्गी, दाल बराबर' जुमले को
जैसे-तैसे हजम कर पायी थी! अब तो
दाल के बराबर भी न रही बेचारी..
दाल 150, प्याज 70रु/ किलो!
अच्छे दिन आ गए, जय बोलो!!

रचनाकार - कृष्णा मोहन दुबे. 

Thursday, August 20, 2015

रचनाकारों के लिए नियम

आप अपनी मौलिक रचनाएँ hindirachnasansar@gmail.com पर भेज सकते हैं. हिंदी रचना संसार में अपनी रचनाओं को भेजने के नियम इस प्रकार हैं.
१-      आपकी रचना हिंदी भाषा में होनी चाहिए.
२-      आपकी रचना हिंदी भाषा में कहानी, लघुकथा, कविता, बाल साहित्य, यात्रा संस्मरण, लोकगीत, प्रेरक प्रसंग, हाइकू, पुस्तक समीक्षा इत्यादि विधा में भेज सकते हैं.
३-      हिंदी रचना संसार को भेजी जाने वाली रचनाएँ आपकी अपनी मौलिक तथा अप्रकाशित होनी चाहिए. यदि आपकी रचना किसी अन्य प्रकाशन संस्था (भौतिक अथवा इन्टरनेट आधारित) में प्रकाशनार्थ विचाराधीन है तो इसका उल्लेख अपनी रचना भेजते समय अवश्य करें.
४-      किसी अन्य रचनाकार की रचना में संशोधन अथवा परिवर्तन अथवा अन्य किसी प्रकार से मूल रचनाकार कि रचना में बदलाव करके हिंदी रचना संसार में भेजना पूर्णतया वर्जित है. इस मंच का उद्देश्य मौलिक रचना और रचनाकारों को स्थान देना है.
५-      किसी अन्य ब्लॉग, वेबसाइट, पुस्तक अथवा अन्य किसी स्थान पर पूर्वप्रकाशित रचना को हिंदी रचना संसार में प्रोत्साहित नहीं किया जाता है. यदि आप अपनी किसी पूर्वप्रकाशित रचना को भेज रहे हैं, तो कृपया इसके उल्लेख अवश्य करें.     
६-      अपनी रचना के अंत में “मौलिक तथा अप्रकाशित रचना” लिखना अनिवार्य है.
७-      अपनी रचना के साथ संक्षिप्त परिचय, फोटो, ईमेल आईडी और फ़ोन नंबर अवश्य लिखें. आपके संपर्क सूत्र सिर्फ हिंदी रचना संसार के प्रबंध तंत्र के कार्य को सुगम बनाने के लिए हैं. आपके संपर्क सूत्र बिना आपकी लिखित अनुमति के आपकी रचना के साथ इस मंच पर स्थान नहीं पायेंगे.
८-      रचनाकार के किसी रचना पर कॉपीराइट या अन्य किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न होने कि दशा में  रचनाकार ही पूर्णरूप से इसके लिए उत्तरदायी होगा/होगी. हिंदी रचना संसार को किसी भी प्रकार से इस तरह के किसी विवाद के लिए कभी भी उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकेगा.
९-      यदि आप रचना के साथ किसी चित्र को भेज रहे हैं तो कृपया सुनिश्चित कर लें कि यह किसी भी प्रकार से कॉपीराइट तथा अन्य लेखन और प्रकाशन जगत के सामान्य नियमों का उल्लंघन ना कर रही हो.
१०-   अश्लील, सामाजिक समरसता को खंडित करने वाली, धार्मिक तथा जातीय भावनाओं को भड़काने वाली तथा भारतीय संविधान कि गरिमा के अनुरूप ना होने वाली रचनाओं को हिंदी रचना संसार में स्थान नहीं दिया जायेगा. 
११-   केवल चित्र अथवा स्कैन के रूप में किसी भी रचना को हिंदी रचना संसार में स्थान नहीं दिया जायेगा.
१२-   हिंदी रचना संसार एक साझा मंच है और यहाँ पर किसी भी लेख, रचना, विचार, टिपण्णी इत्यादि के लिए स्वयं वही व्यक्ति उत्तरदायी माना जायेगा जिसके प्रोफाइल से ऐसा किया गया होगा. हिंदी रचना संसार में स्थान पायी किसी भी रचना, विचार, लेख, टिपण्णी इत्यादि को हिंदी रचना संसार के प्रबंध तंत्र का विचार नहीं मना जायेगा. ऐसे किसी भी रचना, विचार, लेख, टिपण्णी इत्यादि से सहमत होना हिंदी रचना संसार के प्रबंध तंत्र के लिए आवश्यक नहीं है. 
१३-   यदि हिंदी रचना संसार के सदस्य अथवा अन्य आपस में किसी प्रकार का अनुबंध अथवा लेनदेन करते हैं इसके लिए वे स्वयं पूर्णरूप से जिम्मेदार होंगे. हिंदी रचना संसार इस तरह के किसी भी कार्य की  जिम्मेदारी नहीं लेता है.
१४-   हिंदी रचना संसार आपसे लेखों, रचनाओ, विचारों टिप्पणियों इत्यादि के प्रस्तुतिकरण में शालीनता और मंच कि गरिमा को बनाये रखने का अनुरोध करता है.
१५-   हिंदी रचना संसार के पास रचना भेजने का अर्थ उसे इस मंच पर स्थान पाने का भी अधिकार नहीं समझा जायेगा. रचनाओं को इस हिंदी रचना संसार के मंच पर स्थान देने सर्वाधिकार हिंदी रचना संसार के पास सुरक्षित रहेगा और इसे किसी भी प्रकार से चुनौती नहीं दी जा सकेगी.
१६-   हिंदी रचना संसार में स्थान पायी किसी भी रचना को (अपनी या किसी अन्य की) कहीं अन्यत्र साझा करने के लिए सम्बंधित रचनाकार और हिंदी रचना संसार के प्रबंध तंत्र से अनुमति लेना आवश्यक होगा.
१७-   नियमों के उल्लघंन की स्थिति में किसी भी रचनाकार कि रचना बिना किसी पूर्व सूचना के इस मंच से हटाई जा सकती है. इस सम्बन्ध में किसी भी प्रकार के विवाद और संपर्क को प्रोत्साहित नहीं किया जायेगा.
१८-   हिंदी रचना संसार को अनेक रचनाएँ मिलती है जिसके कारण आपकी रचना को यहाँ इस मंच पर स्थान पाने में समय लग सकता है. आपकी रचना हिंदी रचना संसार को प्राप्त होने वाली रचनाओं के इस मंच पर स्थान पाने के सन्दर्भ में किसी भी प्रकार की पूछताछ को प्रोत्साहित नहीं किया जायेगा.  
१९-   पुस्तक समीक्षा के लिए भेजी जाने वाली रचनाओं के साथ उन पुस्तकों के आवरण पृष्ठ या अन्य किसी चित्र के सन्दर्भ में उस पुस्तक के कॉपीराइट अधिकारी (लेखक/प्रकाशक) से पूर्वलिखित अनुमति प्रस्तुत करना आवश्यक होगा. इसकि अवहेलना करने पर कॉपीराइट तथा अन्य नियमों के उल्लंघन का जिम्मेदार रचनाकार को ही जाएगा.
२०-   अपनी रचना कि प्रति अपने पास सुरक्षित रखें. हिंदी रचना संसार किसी भी तरह से रचनाओं के संरक्षण के लिए उत्तरदायी नहीं है.

२१-   नियमों में बिना पूर्व सूचना के कभी भी बदलाव संभव है. 

सामान्य नियम

हिंदी रचना संसार के तीन मूल उद्देश्य है- लिखना, पढना, सीखना.
कहानी, कविता, लघुकथा, व्यंग, ब्लॉग, ग़ज़ल, उपन्यास, पल्प साहित्य पुस्तक समीक्षा, संस्मरण, प्रेरक कथाएं, जीवनी, यात्रा संस्मरण, बाल साहित्य...अर्थात हिंदी भाषा की किसी भी विधा में लिखने पढने वालों के लिए ही ये मंच बना है. शब्द सीमा का गतिरोध नहीं है परन्तु रचना लम्बी होने से बेहतर है उसका सारगर्भित होना. भाषा संयम का विशेष ध्यान रखिये.

हिंदी रचना संसार के सामान्य नियम निम्नवत हैं-
१-      कृपया अपनी मौलिक रचना ही भेजे. चोरी की हुई अथवा किसी अन्य लेखक की संशोधित रचना भेजना मना है. ज्ञात होने पर, रचना बिना पूर्वसूचना के हटा दी जाएगी. किसी अन्य लेखक की रचना पोस्ट करते समय लेखक का नाम अवश्य जोड़ें. 
२-  अपनी रचना के साथ उसका एक सार्थक शीर्षक भी रखिये.
३- hindirachnasansar.blogspot.in पर साझा की जाने वाली रचनाओं के लिए किसी प्रकार के भुगतान की व्यवस्था नहीं है.
४-  रचना के साथ चित्र, स्नैपशॉट इत्यादि का प्रयोग करने से पहले उसके कॉपीराइट अधिकारी से उचित अनुमति प्राप्त कर लें. कॉपीराइट उल्लंघन की दशा में रचनाकार ही उत्तरदायी होगा.
५- किसी भी अन्य व्यक्ति या रचना पर अमर्यादित और गलत टिपण्णी, दोषारोपण, गाली-गलौच इत्यादि वर्जित है. यदि इस मंच पर किसी व्यक्ति के अशोभनीय व्यवहार से कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न होती है तो कृपया उसका स्नैपशॉट लेकर हिंदी रचना संसार के प्रबंध तंत्र को अविलम्ब सूचित करें. 
५-नियमों में कभी भी, बिना पूर्वसूचना के बदलाव किया जा सकता है. 
६-किसी भी विवाद कि स्थिति में हिंदी रचना संसार के प्रबंध तंत्र का निर्णय ही अंतिम और सर्वमान्य होगा


ख़तों की खुशबु- सलमान खान

माना नही मिलनी मुझको, 
तेरे जिस्म की परछाई भी।
तु किसी और की है 
है तेरा कोई शैदायी भी।
ना बाँहो की ही गरमी नसीब में, 
ना तेरी कुरबत ही अब मयस्सर है।
वो जो उठती है तेरे ख़तों से ख़ुशबु,
बस उस से मेरा दिल तर है I


रचनाकार- सलमान खान, मेरठ

सत्य धर्म के मार्ग में- हरिओम श्रीवास्तव

मंजिल पाता है वही, वाधाओं को जीत।
जज्बा जब भरपूर हो, कभी न हो भयभीत।।
मिलें मार्ग में विघ्न जो, लें साहस से काम।
बिना लक्ष्य की प्राप्ति के, लेना नहीं विराम।।
कितने भी अवरोध हों, रखना मन में धीर।
आगे ही बढते रहें, वाधाओं को चीर।।
सत्य धर्म के मार्ग में, मिलते विघ्न अनेक।
मंजिल निश्चित ही मिले, रहे इरादा नेक।।

रचनाकार- हरिओम श्रीवास्तव, भोपाल